Friday, January 3, 2025

sehyatri _ Nepali _ 32

 हे मेरा सहयात्री!

माया सीमा मा 

कैद हुन सक्दैन;

समुन्द्र को गहराई 

पर्वत को ऊंचाई 

आकाश को उड़ान 

जमीन को खान 

चंद्रमा को किरण 

सुर्य को तपन,

कसैले रोक्न सक्दैन 

प्रेम को लगन 

हाम्रो आत्मा हरु को 

मिलन को यो माया को फूल 

यस्तै गरी फुल्दै जानेछ 

बसंत को ढोका बाट,

यो प्रेम पंछी 

उडदै रहने छ 

माया को कहिल्यै 

नमेटिने हिंडाइ मा

खिलाउंदै जानु छ 

प्रेम रुपी दाना 

सताब्दी सम्म गुंजी रहने छ 

हाम्रो मिलन को 

माया को गीत बजी रहने छ;


आऊ प्रिय!

हामी मिलेर खुवाऔं आफ्नो प्रेम पंछी लाई दाना 

सदा गाउंदै रहोस यो अनंत प्रेम को गाना।

Thursday, January 2, 2025

Satire

 आप अपनी दर्जन भर(१२ रचनाएं काव्य या गद्य रचनाएं) हमें इस पटल पर यहीं भेजे ।यह रचनाएं संस्था के पदाधिकारी के द्वारा पाठक के रूप में देखे जाएंगे,उन पर समीक्षा के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। यह रिपोर्ट कार्ड को काव्य गोष्ठी के दौरान आपको प्रदान किया जाएगा । 50 ग्रीन कार्ड से अधिक आपको अगर मिल जाता है तो आपको मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच के द्वारा मेडल पहनकर सम्मानित भी किया जाएगा।आपकी रचनाओं पर समीक्षकों के विचार क्या रहे हैं, उन पर उन्होंने हरे /पीले /लाल कार्ड कितने प्रदान किए हैं। यह रिपोर्ट कार्ड में उद्धृत किया जाएगा।

शहर और जंगल - ये कीलें

 ये कीलें 


मैंने अपने ही सीने में 

ठोंकी है कीलें 

ये दर्द भी मेरा अपना है

फिर भी 

सभी की आँख में चुभता  हूँ 

हर तरफ खौलता हुआ पानी 

और मैं , एक मुर्दा सन्नाटा 

अपने ही मुड़े हुए नाख़ूनों से  छीलता 

एक सत्य ...

अब और भी टूट गया हूँ 

अब और नहीं सह सकता 

अपनी उँगलियों का ठंडापन 

ख़ून  के लावे का एहसास 

और मैं एक उबाल 

उबल उबल  कर 

थक हार कर 

फिर टूट गया हूँ 

और अब मैं

ख़ुद हैरान हूँ 

क्यों मैंने अपने ही सीने में 

ठोंकी थी कीलें  ? 

Sehyatri_ Nepali_31

 31


ओ मेरो सहयात्री!

समयको आँधीले

हाम्रो त्यो प्रेमको रुखलाई

हल्लाइदिएको छ,

जसको छायाँमा

हाम्रो माया घामजस्तै फुलेको थियो,

जसको छेउमा बसेर

हामीले माया गर्ने साँचो-झूटो कसम खाएका थियौँ

कहिल्यै न छुट्टिने वाचा गरेर,

रुखका जराजस्तै

धेरैबेरसम्म एकअर्कामा अँगालो हालेर बसेका थियौँ।


हेर, प्रिय!

हाम्रो प्रेमको डुंगाहरू

अझै पनि निर्भीक भएर तैरिरहेका छन्

उही प्रेमको पोखरीमा,

जसको नीलो पानीमा

हामीले चन्द्रमासँगै

प्रेमको डुब्की लगाएका थियौँ,

चाँदीका तारहरूसँग मिलेर

चाँदनीको चादर बुनेका थियौँ।


आउ प्रिय!

चाँदनीको चादर ओढेर सधैंका लागि निदाऊँ,

एकअर्कालाई ओढौं, एकअर्कामा हराउँ।

शहर और जंगल - रंगीन पोस्टर

 रंगीन पोस्टर 


नेता , बड़े - बड़े रंगीन पोस्टरों से 

ढँक देते हैं 

ग़रीब जनता के  घाव ,

मात्र एक छलावा 

कुछ दिनों का भुलावा 

हम भी जानते हैं 

आप भी जानते हैं 

चुनाव होते ही 

ये रंगीन पोस्टर उतर जाएँगे  

और 

ग़रीब जनता के घाव 

फिर से उभर आएँगे।  

Wednesday, January 1, 2025

Sehyatri _Nepali _ 30

30

 हे मेरा सहयात्री!

माया को राजधानी को 

किल्ला हो मन 

यहीं बाट शासन गर्छन 

माया का सम्राट हरु

यो किल्ला लाई 

जीत्न को लागी 

हात्ती घोड़ा को सेना होइन 

बरु फ़कीरहरु को

पवित्र मन को 

आवश्यकता हुन्छ 

जो जमीन मा रहेर पनि 

आकाश माथि शासन गर्न सक्छन 

जो माटो बाट सुन बनाउने 

कला जान्दछन 


जो हर दुःख लाई 

आफ्नो छाती मा लुकाउन सक्छन,

त्यसैले उनिहरुको मायाले भरीएको मन मा 

यो सारा संसार 

अटाउन सक्छन 

जहां रात -दिन, दिन -रात

माया ले भरिएका सपना 

करवट लिन्छन ;


आऊ प्रिय!

यी माया ले भरिएका मन मा यो संसार लाई लुकाऔं

माया भरिएका प्रत्येक सपना लाई हामी पल -पल बिउंझाऔं।

Boldog új évet - नया साल मुबारक़ हो आपको

 

Ady Endre: Boldog új évet

 

Boldog új évet
 
Ezúttal sírva, szépen
Forgok meg lelkemnek régi,
Gyermekes életében:
Boldog új évet kivánok.
 
Boldog új évet kivánok,
Mindenki tovább bírja
E rettenetet,
E szamárságot,
Mint szegény, mint bírom én, én,
Gyönyörködve,
Óh, én szegény
Lelki kémény.
Boldog új évet kivánok.
 
Ontom a füstjét
A szavaimnak,
Pólyálva és idegesen,
Be messze ringnak
Az én régi terveim,
Az én régi társaim is
De messze vannak.
Boldog új évet kivánok.
 
Új év Istene, tarts meg
Magamnak
S tarts meg mindenkit
A réginek,
Ha lehet:
Boldog új évet kivánok.

  नया साल मुबारक़  हो आपको 

इस राह पर  रोते हुए , बेहतर 
मैं अपनी पुरानी आत्मा की ओर मुड़ता हूँ,
अपने बचपन में:
  नया साल मुबारक़  हो आपको ।

  नया साल मुबारक़  हो आपको,
हर कोई  सह  सकता है
यह भयावहता
यह बकवास
मुझ ग़रीब से ज़्यादा , मेरे दुखों से ज़्यादा ?
लुत्फ़ उठाते हुए 
आह , मैं बेचारा
रूहानी  चिमनी.
नया साल मुबारक़  हो आपको ,

मैं धुएं  से उड़ाता हूँ  
अपने  शब्दों को,
बेचैन और घबराये  हुए ,
वे बहुत दूर तक हिलते हैं
मेरी पुरानी कोशिशे 
मेरे पुराने दोस्त भी
लेकिन वे सब बहुत दूर हैं.
नया साल मुबारक़  हो आपको 

ओ  नए साल के भगवान, मुझे सम्भालो 
अपने लिए 
और सबको सम्भालो 
गुज़रे वक़्त के लिए 
अगर संभव हो तो:
नया साल मुबारक़  हो आपको ।