Book Name : चाँद सितारे
ISBN Number : 978-93-47256-00-4
Book Name : चाँद सितारे
ISBN Number : 978-93-47256-00-4Questions
Τι ; What
Πού ; Where
Πόσο ; How much
Πώς ; How
Ποιος , Ποια , Ποιο ; Who , Who , Which
θέλετε ενα παγωτό . You want an ice cream .
θέλετε ενα παγωτό ; do you want an ice cream ?
Πίνετε καφέ .
Πίνετε καφέ ; Do you drink coffee ?
Τι θέλετε ; What do u want ?
Πώς είστε ; How are you ?
Πού πάτε ; Where are u going ?
Ποιον / Ποια θέλετε ; Who do u want ?
Έχω - I have
έχεις - You have
έχει - he / She has
έχουμε - We have
έχετε - You all have
έχουν - They Have
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καφές φραπέ - iced coffee
ο χυμός πορτοκάλι - Orange Juice
η πορτοκαλάδα - Orange Squash
ποζέ - Rose
μαύρο - Red of wine
ξηρο - dry
το ούζο - ouzo
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Nouns and genders
- ος , - ης , -ας
ο άνθρωπος - man , mankind
ο ουρανός - Sky
ο δρόμος - Road
ο ναύτης - Sailor
ο επιβάτης - Passenger
ο μαθητής - Pupil
ο άντρας - man
ο βασιλιάς - King
ο εισπράκτορας - bus conductor
ο πατέρας - father
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- η , - α
η νίκη - victory
η Νίκη - Girl's name
η αγάπη - love
η αδερφή - sister
η ζάχαρη -sugar
η γυναίκα - woman
η ώρα - hour
η θάλασσα - sea
η χώρα - country
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Neuter
- ο , - ι
το πρόσωπο - Face
το βουνό - Mountain
το δέντρο - tree
το τραγούδι - song
τo ψωμί - bread
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δίκλινος , δίκλινη , δίκλινο - double bed room
ο όροφος - Floor / storey
Το διαβατήριο - Passport
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बड़े चाचा
बड़े चाचा , हाँ मेरे बड़े चाचा
लगते थे वे बिलकुल राजा
उनका चेहरा था रौबदार
दीखते थे सिपहसलार
रौबीले चेहरे पे बड़ी बड़ी मूँछे
डरते डरते सब पूछे
लेकिन आँखें थी शरारत भरी
और दिल थे किसी बच्चे सा
फितरत थी उनकी मसखरी
करते थे सबसे तफरी
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इन्दुकांत आंगिरस जी को साहित्यिक क्षेत्र में 'रसिक देहलवी' के नाम से भी जाना जाता है, जो हिंदी साहित्य और अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। दिल्ली में जन्मे और पले-बढ़े इन्दुकांत आंगिरस जी ने व्यवसाय प्रबंधन में उच्च शिक्षा (PGDBM) प्राप्त की है, लेकिन उनका झुकाव साहित्य और भाषा-संस्कृति के प्रति बहुत ही गहरा है। इन्दुकांत आंगिरस जी (रसिक देहलवी ) एक बहुभाषाविद (Polyglot) लेखक भी हैं। वे हिन्दी, अँगरेज़ी, उर्दू के साथ-साथ कई यूरोपीय भाषाओं जैसे हंगेरियन, ग्रीक, चेख और लिथुआनिअन पर भी असाधारण पकड़ रखते हैं।संस्थागत जुड़ाव एवं सामाजिक योगदान भी आप का उल्लेखनीय है। साहित्य और समाज को जोड़ने के उद्देश्य से आपने परिचय साहित्य परिषद् , दिल्ली और सनद फाउंडेशन , दिल्ली की स्थापना करी। आपकी विनम्रता और साहित्य के प्रति अटूट निष्ठा इस बात से झलकती है कि आप मानते हैं— "ऐसी कृति की रचना अभी शेष है (जिसके लिए सम्मान लिया जाए)।" वर्तमान में इन्दुकांत आंगिरस जी स्वतंत्र लेखन, वैश्विक अनुवाद परियोजनाओं और साहित्यिक गतिविधियों में पूरी तरह संलग्न हैं। आपकी डिजिटल क्षेत्रों में भी उपस्थिति देखी जा सकती है। साहित्य पथ पर इन्दुकांत आंगिरस जी इसी तरह आगे बढ़ते रहें, सभी का मार्गदर्शन करते रहें यही शुभकामनाएं हैं
आभा दवे
लेखिका/ कवयित्री
मुंबई ,महाराष्ट्र
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Indu kant Angiras Sir, I met him recently and I am so glad that we met. He is a multilinguist and has laid his hands in many fields in his life, because of which his experience helps me a lot. I am recently learning Hungarian language from him. He is my mentor, guide and a friend. He is very kind in nature. He is a poet too. I like his sense of humour in his writings. The best thing is he is a lifelong learner and still learning. No matter the age, he learns himself and believes in learning and teaching good to others and being a helping hand. I wish for his healthy life.
Misha :
Gold Medalist in Kalaripayattu
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श्री इन्दुकांत आंगिरस से मैं करीब चालीस वर्षों से परिचित हूँ , परिचित ही क्यूँ , निरंतर उनका सहयात्री बन कर साहित्यिक यात्रा करता चला आ रहा हूँ। आप बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। आप ने गीत , ग़ज़ल , मुक्तक , लघुकथा , कविता , हाइकु , दोहे जैसी विधाओं में सफलतापूर्वक लेखन किया है। आपने " शहर और जंगल " , " प्रेम -प्रसंग " और " फ़्लैश बैक " जैसे उत्कृष्ट काव्य संग्रहों का सृजन किया है। आपने अँगरेज़ी एवं हंगेरियन भाषा से कुशल अनुवाद किया है। आपने यूट्यूब पर अनेक प्रतिष्ठित विभूतियों का साक्षात्कार भी लिया है। नए युवा कवियों को साथ लेकर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का कार्य करते रहे हैं। आपकी दीर्घायु एवं साहित्य जगत में उज्ज्वल भविष्य के लिए कोटि कोटि शुभकामनाएँ।
- शिवनलाल जलाली - दिल्ली
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दिल्ली में जन्मे इन्दुकांत आंगिरस 'रसिक देहलवी' हिंदी साहित्य और अनुवाद जगत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और बहुआयामी हस्ताक्षर हैं। बहुभाषी प्रतिभा के धनी श्री आंगिरस हिंदी, अंग्रेज़ी और उर्दू के साथ-साथ हंगेरियन, ग्रीक, चेख और लिथुआनिअन जैसी दुर्लभ यूरोपीय भाषाओं पर भी असाधारण पकड़ रखते हैं। 'परिचय साहित्य परिषद्' और 'सनद (ΣΑΝΑΔ) फाउंडेशन' के संस्थापक के रूप में वे साहित्य और समाज की निरंतर सेवा कर रहे हैं। उनके कई एकल कविता संग्रह (जैसे 'शहर और जंगल', 'गजरे') और अनूदित कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, और वर्तमान में वे स्वतंत्र लेखन व अनुवाद में पूरी निष्ठा से संलग्न हैं। उनकी सबसे बड़ी साहित्यिक विशेषता विश्व साहित्य को हिंदी के करीब लाना है। उन्होंने हंगेरियन लोककथाओं ('तीन वरदान'), अरबी कविताओं और शांदोर पैतोफ़ी की रचनाओं का हिंदी में उत्कृष्ट अनुवाद करके भारतीय पाठकों के लिए वैश्विक साहित्य के द्वार खोले हैं।
- संतोष संप्रीति , दिल्ली .
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उर्दू और हिंदी शाइरी में 'रसिक देहलवी' के नाम से मशहूर इन्दुकांत आंगिरस, दिल्ली में जन्मे एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रसिद्ध साहित्यकार हैं । इन्हें उर्दू, हिन्दी, अंग्रेज़ी, यूनानी,हंगेरियन,चेख और लिथुआनियन भाषाओं पर अधिकार हासिल है। वे एक प्रसिद्ध अनुवादक और संपादक हैं । ' जन्नत की ट्रेन ' उनका उत्कृष्ट लघुकथा संग्रह है। इनके द्वारा अनुवादित एक लोककथा 'सारस और बगुला' ने मुझे बहुत प्रभावित किया क्योंकि इसमें आम जनजीवन की संवेदनाओं को दिलचस्प ढंग से उकेरा गया है । वे छन्दमुक्त कविता के धनी और लघुकथाओं के मौलिक रचनाकार हैं । सहज,सरल एवं गहरी बात कहने में सक्षम, आंगिरस जी अपनी कला में माहिर हैं और बढ़िया साहित्यकार होने के साथ-साथ एक प्रभावशाली इंसान भी हैं । उनकी निजी वेबसाइट शुरू हो गयी है जिस के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। ।
कर्नल तिलक राज (सेवा निवृत्त)
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जब से परिचय हुआ है, इंदुकांत आंगीरस जी का साहित्यिक व्यक्तित्व मुझे हमेशा सक्रियता की एक ऐसी मिसाल लगा है जो बहुत ही जीवंत और प्रेरणादायी है। अनेक भाषाओं के ज्ञाता और अनेक विधाओं में अपना निरंतर रचनात्मक सहयोग देने वाले ये हमारे प्रिय और महत्त्वपूर्ण लेखक हैं। अनुवाद और संपादन के क्षेत्र में भी इनका उल्लेखनीय योगदान है। अभिव्यक्ति की नई तकनीक से जुड़े हुए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में इनका योगदान हमें समृद्ध करता रहेगा।
- दिविक रमेश , दिल्ली ।
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2007 में बेटे - बहू के पास बंगलुरु आते जाते रहने और वहाँ की साहित्यिक संस्था 'साहित्य साधक मंच' के कार्यक्रमों में जाने के कारण भाई इन्दुकान्त से परिचय हुआ जो आज भी कायम है । इस दौरान मैनें पाया कि वे निहायत ही सरल, सीधे और विनम्र इंसान हैं जो किसी का दिल नहीं दुखा सकते । कभी भी अपने बारे में बड़ी बातें नहीं करते और सदैव सक्रिय रहते हैं ।
- रमेश जोशी
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[7:48 PM, 5/27/2026] Pramod Jha Moradabad: इंदुकांत आंगिरस की सशक्त रचनाधर्मिता
प्रमोद झा
लब्ध प्रतिष्ठ कवि और शायर इंदुकांत आंगिरस की सशक्त रचनाधर्मिता है और आज आप किसी परिचय को मोहताज नहीं हैं। जब आंगिरस जी शायरी में डूबते-उतराते हैं तो एक से बढ़कर एक बेहतरीन शेर सामने आते हैं। दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों वगैरह की यहां बेबाकी से बात की जाए तो ये जिक्र करना प्रासंगिक है कि आप रसिक देहलवी के नाम से भी बाखूबी जाने जाते हैं। पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों में अनेकानेक कविताएं और ग़ज़लों के अलावा लघु कथाएं भी प्रकाशित हुई हैं। जब मैंने इनकी ग़ज़लों, कविताओं और लघु कथाओं का जायजा लिया तो इस बात से बहुत खुशी हुई कि इंदुकांत ने समय, समाज,पात्र और चरित्रों वगैरह के बारे में बढ़िया सृजन और चित्रण किया है। यह भी उल्लेख करना मेरे लिए समीचीन होगा कि अपने सनद फाउंडेशन पर आपने मेरा साक्षात्कार लिया और वर्तमान परिवेश और परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए अच्छे सवाल किए थे और इन सवालों का जवाब दिया था मैंने। सनद पटल सक्रिय है और अब तक अनेक साहित्य मनीषियों के साथ आप संवाद स्थापित कर चुके हैं। बहुत श्रेष्ठ विचार अभिव्यक्त हुए हैं और इस तरह की प्रभावी प्रस्तुति के लिए आपको बधाई देता हूं।
आंगिरस की बहु आयामी प्रतिभा है और लेखनी के धनी हैं । दिल्ली में जन्मे इन्दुकांत ने पीजी डी बीएम की शिक्षा हासिल की और हिंदी और अंग्रेजी से इतर भी आपने अन्य
भाषाओं हंगेरियन ,ग्रीक ,चेख ,उर्दू , लिथुआनिअन को मनोयोग से सीखा। आपकी कई प्रकशित पुस्तकें हैं और ये अत्यन्त प्रभावित करने वाली हैं।
एकल कविता संग्रह – “ शहर और जंगल “ , “ गजरे”, “ प्रेम - प्रसंग “ , “ फ़्लैश बैक “, “चाँद सितारे रात “( हाइकु संग्रह ) , ई बुक्स के अंतर्गत एकल कविता संग्रह : “ प्रेम - प्रसंग “ , “ फ़्लैश बैक “, “चाँद सितारे रात “( हाइकु संग्रह ) , तीन वरदान ( हंगेरियन लोककथाओं का हिन्दी अनुवाद ) , सहयात्री ( कविता संग्रह ) : लघुकथा संग्रह - जन्नत की ट्रेन के अलावा साझा कविता संकलन - क्षितिज की दहलीज़ पर , परिचय राग , राम हाइकु पीयूष , इंद्रधनुष कविता का , श्री राम मंदिर - काव्य यात्रा ( भाग - 1) , वैश्विक लघुकथा पीयूष , वागीश वैश्विक लघुकथाएँ, आख़िर कब तक आदि हैं। English – ARANYANI – An Indian Ecowomen Poetry Book edited by Noel Lorenz/Sonali Sharma (साझा ) , In the Quest of Light ( Anthology of Poems ) आदि हैं और जो अनुवाद कार्य किया है ,उनमें अभिनेता की मृत्यु - मूल हंगेरियन कहानियों का हिन्दी अनुवाद ( साझा ) घर का पता - अरबी कविता का अँगरेज़ी से हिन्दी अनुवाद ( एकल)
हंगेरियन लोक कथाएँ - मूल हंगेरियन लोक कथाओं का हिन्दी अनुवाद ( एकल) लिथुआनिअन लोक कथाएँ- मूल लिथुआनिअन लोक कथाओं का हिन्दी अनुवाद ( एकल) यानोश आरान्य -कथा गीत एवं कविताएँ -मूल हंगेरियन कविताओं का हिन्दी अनुवाद ( साझा ) स्वाधीनता, प्यार - शांदोर पैतोफ़ी की कविताओं का हिन्दी अनुवाद ( साझा ) भी हुआ है।
विशेष रूप से ये भी उल्लेख योग्य है कि बतौर पत्रकार भी आपने कार्य किया है। देशवासी मेल - पाक्षिक हिन्दी समाचार पत्र -दिल्ली में संपादन, आकांक्षा - साहित्यिक पत्रिका - ग़ाज़ियाबाद, नन्हे मुन्नों की बड़ी चिंताएँ - अनाथ बच्चों द्वारा रचित काव्य संकलन का संपादन किया। अदबी यात्रा पाक्षिक ऑनलाइन पत्रिका के आप संपादक रहे। सम्मान - ऐसी कृति की रचना अभी शेष है। सम्प्रति ,आप श स्वतंत्र लेखन व अनुवाद में संलग्न हैं। आंगिरस जी, परिचय साहित्य परिषद् , दिल्ली / सनद - ΣΑΝΑΔ फाउंडेशन – दिल्ली के संस्थापक हैं।
[8:19 PM, 5/27/2026] Pramod Jha Moradabad: आंगिरस जी का व्यापक फलक है और विषय विविधता के दृष्टिकोण से भी आप आकाश के विस्तार को अपने दामन में समेटे हुए हैं। सृजनशीलता से सम्बद्ध विचार और कला पक्ष का सम्यक निर्वाह हुआ है। बड़ी अच्छी बात है कि आप विचार के अनुकूल, परिवेश, पात्रों, घटनाओं और परिस्थितियों की कल्पना कर लेते हैं और सही से संदर्भित भी करते हैं। ऐसी खासियत के चलते ही बड़ी अच्छी-अच्छी कविताएं और ग़ज़लें भी हुई हैं। इनके रचना संसार से संबंधित विशिष्टता यह भी है कि आत्मानुभूत और जीवनानुभवों को अभिव्यक्ति मिली है और सामाजिक यथार्थ का स्वरूप प्रतिबिम्बित होता है। आपने पाठकों की रुचि, कल्पना और विचार शक्ति को बढ़िया भाषा और शिल्प में विकसित किया है । अलबत्ता, आंगिरस का एक सुसंगत यथार्थवाद है और आप बधाई के पात्र हैं।
α - Άννα
ε , αι - Ελλένη
ο , ω - όμως
ι , η , υ , οι , ει , υι - ησυχία
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The foundation of Greek counting begins with these essential numbers:
The numbers 11-19 follow a pattern similar to English, with some unique characteristics:
The tens follow their own pattern:
To form numbers between the tens (like 21, 22, etc.), simply combine the tens with the units 1-9: είκοσι ένα (íkosi éna) for 21.
The hundreds follow a regular pattern:
For numbers like 325, combine the hundreds, tens, and units: τριακόσια είκοσι πέντε (triakósia íkosi pénte).
One thousand in Greek is χίλια (chília). This number held particular significance in ancient Greek culture, often appearing in mythology and historical accounts. The word “chiliad,” meaning a group of 1000, derives from this Greek root.
Ο μήνας οι μήνες
η μέρα οι μέρες
Το Σάββατο Τα Σάββατα
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ένας
μια , μία
ένα
ένας κύριος - a gentleman , Mr
μια κυρία - a lady , Mrs
ένα παιδί - a child
Ο Ιανουάριος είναι ένας μήνας .- January is a month .
Η Κυριακή είναι μια μέρα . - Sunday is a Day .
Το φθινόπωρο είναι μια εποχή .- Autumn is a season .
η Άννα
η Ελένη
η ησυχία - Quiet
ο ουρανός - Sky
ευχαριστώ - Thank You
φεύγω - I am leaving
αυτός - He
αύριο -Tomorrow
Το τσαι - tea
πλάι - Next to
φαι - Food
το γαιδουρι - Donkey
Βάζω - I put
δίνω - I give
γεμίζω - I fill
η ζώνη - Belt
η θύσος - sacrifice
η ροή - Flow
η κέρκυρα - Corfu
το λάθος - Wrong
η μητέρα - mother
να - to
ο πατέρας - Father
Ο Σωτήρης - Sotiris
τότε - Then
η φύση - Nature
χάνω - Lose
το ψάρι - Fish
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Ο άντρας - Man / husband
η γυναίκα - Woman , wife
Το παιδί - child
Το όνομα - name
Το κρύο - cold
η ζέστη - Heat
η Μαρία - Maria
Ο Γιώργος - George
έχει - he/she/it/has
δυο , δύο - Two
επτά - Seven
δώδεκα - Twelve
σήμερα - Today
αύριο - tomorrow
χτεσ - Yesterday
αλλά - But
και - And
ή - Or
ΚΑΛΗ ΟΡΕΞΗ !
Γεια σου / Γεια σας - During meals
Γεια μας ! Cheers
Καλή χώνεψη ! Have a good digestion
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φιλοδώρημα -Tip
Ο κύριος δίνει φιλοδώρημα στον σερβιτόρο The gentleman is tipping the waiter
Mary- Γεια σας ! Πώς σας λένε ;
John - Γεια σας ! Με λένε John
Mary - Πώς ;
John - John
Mary - Αα! Και από πού είστε ;
John - Είμαι από τη Γαλλια .
Mary - Από ποίο μέρος ;
John - Από το Παρίσι. Εσείς ;
Mary - Από την Αγγλία . Από το λονδόνο
-
- Τι γλώσσες μιλάτε ;
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Petros goes to the bank, gets in line, and soon it’s his turn at the teller window. He hands his passbook to the teller.
Cashier - What would you like, a withdrawal or a deposit?
Petros - I want to make a withdrawal.
Cashier - How much, please?
Petros - 25,000 drachmas.
Cashier - Your ID, please.
The cashier enters the amount, scans the checkbook into the computer, and gives Petros the withdrawal receipt.
Treasurer - Please sign.
Petros signs the form, takes the money and the booklet, says goodbye, and leaves.
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Reading - 16
Στίς επτά φεύγω με το λεωφορείο για την Πάτρα.
Ή Πάτρα είναι πολύ μακρυά απ'την Αθήνα , άλλα το ταξίδι είναι πολύ ώραιο .Η Πάτρα είναι πολύ μεγάλη . Εχει εστιατόρια , ξενοδοχεία , ταβέρνες
και καφενεία . Θέλετε πρόγευμα ;
Τα καφενεία εχουν καφε , γάλα και τσαι . Με το τσαι εχετε κουλούρια ή ψωμί και φρυγανιές με βούτυρο και μέλι ή μαρμελάδα . Διψάτε ;
Πίνετε ένα ποτήρι κρύο νερό . Ή Πάτρα έχει κι'έναν μεγάλο κινηματόγραφο . Ό κινηματόγραφος αυτός είναι πολύ ακριβός . Το είστιτηρίο κάνει οκτώ δραχμές κι' αρχίζει πάντα στίς οκτώ . Άλλα τι κρλίμα , διότι στίς οκτώ φεύγω για ταξίδι .