Adbiyatra
Sunday, June 14, 2026
Friday, June 12, 2026
Greek _ Polite _ Expressions
Δεν μου λέτε παρακαλώ - Please tell me
Χαιρετίσματα - Greetings
Χρόνα πολλά - Many Happy returns
Επίσης - Same to you
Αντίο σας - Good Bye
Καλή αντάμωσι - Good bye till we meet again
Συγχαρητήρια - Congratulations
Περαστικά σας - Get well soon
Περάστε - After You
Στήν υγειά σας - To your health
Αυ έχετε τήν καλωσύνη - would you be so kind
Μου κάνετε μία χάρι - Do me a favour
Εύχαρίστως - Gladly
Καλή έπιτυχία - Good luck
Άσφαλώς - Certainly
Καλό ταξίδι - Have a Nice trip
Greek_Lesson_10
Personal Pronouns
αυτά - It all εγώ - I
εσύ - You
αυτός - He
αυτή - She
αυτό - It
εμείς - We
εσείς - You all
αυτοί - He All
αυτές - She all
Κανένα - any / some / nobody /none
Το χιλιόμετρο - The Kilometer
Το εστιατόριο - Restaurant
Το λεωφορείο - Bus
Το φλυτζάνι - The cup
σκέτος - η -ο - unsweetened / plain
χωρίς - without
Το γαλα - Milk
Το τσαι - Tea
Το λεμόνι - Lemon
η φρυγανιά - The toast
Το μέλι - The honey
κρύος - α-ο
διψω - I am thirsty
η δραχμή - Singular
οί δραχμές - Plural
κρίμα - It's pity
διότι - Because
Το κουλούρι - The doughnut
Το ψωμί - Bread
η μαρμελάδα - Marmalade - Jam
η δραχμή - Singular
οί δραχμές - Plural
Το πουρμπουάρ - Tip
-----------------------------------------------
Αυτό είναι πολύ ακριβό . - It is very expensive .
Αυτός θέλγει καφέ . - He wants coffee .
Η ώρα είναι δύο . - It is 2' o clock .
Που είναι το λεωφορείο ; Where is the bus ?
Thursday, June 11, 2026
Testimonial
एक मुलाकात साहित्यकार इंदुकांत के साथ - राही राज़, बेंगलुरु। फर्स्ट एडिटर इंदुकांत अंगिरस मस्त मौला इंसान हैं ।
जिंदगी में अब तक बहुत दोस्त मिले, बहुत सारे मुझे साहित्यकारों से मेरी मुलाकात हुई,कुछ छूट गए , कुछ साथ चले। कुछ छूटकर भी नहीं छुटे , बेशक बातें कभी कदाल होती है, मगर उनके साथ यादें बहुत रहती हैं,उन्हीं यादों में से एक हमारे अजीज दोस्त हैं इंदुकांत अंगिरस । जिन्हें हम भूलना भी गर चाहें तो नहीं भूल सकते हैं।
हमें आज भी याद है उनका चेहरा,जब वो मुझे साहित्य साधक मंच की मासिक गोष्ठी में मिले थे , शेरो शायरी के शौकीन और एक अलग व्यक्तित्व के मालिक , बहुत ही खूबसूरत अंदाज और उनके पढ़ने का तौर तरीका पहली ही नजर में मुझे ना जाने क्यूँ अच्छा लगने लगा ।
मस्त मौला इंदुकांत के चेहरे पर हमने कभी भी मायूशी नहीं देखी और ना ही कभी कंजूसी कभी देखी , पैसा रहे ,ना रहे,सदा मग्न में रहते हैं। ओरेकल कंपनी से रिटायरमेंट के बाद, यहीं उन्होंने अपना आशियाना बनाए रखा और अनवरत साहित्य साधक बनकर सेवा आज भी कर रहे हैं।
पहले बंगलोर में ही रहते थे, और इसी दरम्यान इनसे बहुत गहरी दोस्ती हो गई, अगर हम सच कहें तो हमदोनों दो जिस्म एक जान हो गए ।
इनकी पुस्तक की दुकान थी हम प्रायः इनके दुकान पर जाया करते थे और साहित्यिक चर्चा किया करते थे, दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए इंदुकांत का योगदान अभूतपूर्ण है।
हमने इनके साथ मिलकर सबसे पहले कारवाँ को खोला ,बाद में इनके ही मदद से हमने कलश कारवाँ फाऊंडेशन, बेंगलूरु संस्था की स्थापना की ,जिसमें इंदुकांत जी का योगदान अभूतपूर्ण रहा , संस्थापक सदस्य आज भी हैं। बंगलोर से बाहर रहने के कारण, थोड़ा सा दिक्कत हमें हो रहा है,मगर ये आज भी हमारे दिल में हैं। और हम आज भी इन्हें हमारे मार्गदर्शक और संरक्षक मानते हैं।
हमें याद आ रहा है वर्ष 2021 इनके ही पब्लिकेशन से हमने सर्व प्रथम एक पुस्तक भी निकाली, जो साझा संकलन के रूप प्रकाशित हुई थी, पुस्तक का नाम उगता सूरज है,जिसमें पूरे भारत के नामी गिरामी साहित्यकारों की रचना है।
हमें याद आ रहा है इनकी जीप जो पूरे बंगलोर अकेली थी ,जिस पर हमलोग बैठकर अक्सर घूमने निकल जाया करते थे, बंगलोर का शायद ही कोई कोना होगा , जहाँ हमलोग नहीं घूमने गए होगे।
हमसे अगर सच पूछा जाए तो हम स्पष्ट कहते हैं कि आज राही जिस मुकाम को हासिल किया है उसमें इंदुकांत अंगिरस का जबरदस्त हाथ है, चाहे वह किसी प्रकार का हो न तन, मन और धन तीनों से इंदुकांत अंगिरस ने हमें सहायता की है ।
हम इनके पिताजी से भी दिल्ली निवास पर मिल चुके हैं,हम इनके साथ राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित परम आदरणीय स्वर्गीय श्याम सिंह शशि जी भी मिल चुके हैं। जिन्होंने पहली मुलाकात में ही हमें बहुत कुछ सिखा दिया था। आज वो नहीं है फिर उनकी स्मृति हमारे साथ है।
इंदुकांत अंगिरस को गजल में महारथ हासिल है,कविता और कहानी गजब की लिखते हैं, आज उनकी गिनती गजलकार रूप में की जाती है तो लघु कथा के जनक कहे जाते हैं।
इंदुकांत हिंदी अग्रेजी और उर्दू के अलावा भी फ्रेंच भाषा के भी अनुवादक रहें हैं और जानकर रहें हैं।
इंदुकांत की जितनी तारीफ हम करें,कम ही होगा ,क्योंकि सर से पांव तक इनमें तारीफ ही तारीफ हमें दिख रही । ईश्वर इन्हें दीर्घायु रखें,यही कामना करता हूँ।
राही राज़, बेंगलुरु
---------------------------------------------------------
नई सुबह की दस्तक
साझा संकलनों का चलन पुराना हैं। साझा संकलनों की महत्ता हमेशा से रही है और हमेशा रहेगी क्योंकि साझा संकलनों के ज़रिये पाठकों को एक ही पुस्तक में अनेक लेखकों की रचनाएँ पढ़ने को मिल जाती हैं। यह हर्ष की बात है कि बैंगलोर की प्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती प्रीती राही के सम्पादन में " सुप्रभात " साझा संग्रह प्रकाशित हो रहा है जिसमें कविताएँ , गीत ,ग़ज़ल , लघुकथाएँ और लघु कहानियाँ संकलित हैं। नारी शक्ति को समर्पित इस संग्रह की सभी रचनाकार बधाई के पात्र हैं। दुनिया की आधी आबादी के नाम दुनिया की दीगर ज़बानों में बहुत कुछ लिखा जा रहा है। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस कड़ी में " सुप्रभात " साझा संग्रह अपनी अलग पहचान अंकित कर पायेगा। प्रीती राही द्वारा प्रज्वलित नारी शक्ति की ये मशाल निश्चय ही इस संसार के अँधेरे को चीर कर नई रौशनी और नई सुबह को इस धरती पर उतारेगी। अनेकानेक शुभकामनाओं के साथ..
आपका अपना
इन्दुकांत आंगिरस
दिल्ली
Tuesday, June 9, 2026
Khusro ki Ghazal
ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ
कि ताब-ए-हिज्राँ नदारम ऐ जाँ न लेहू काहे लगाए छतियाँ
शबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़ ओ रोज़-ए-वसलत चूँ उम्र-ए-कोताह
सखी पिया को जो मैं न देखूँ तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ
यकायक अज़ दिल दो चश्म जादू ब-सद-फ़रेबम ब-बुर्द तस्कीं
किसे पड़ी है जो जा सुनावे पियारे पी को हमारी बतियाँ
चूँ शम-ए-सोज़ाँ चूँ ज़र्रा हैराँ ज़ मेहर-ए-आँ-मह बगश्तम आख़िर
न नींद नैनाँ न अंग चैनाँ न आप आवे न भेजे पतियाँ
ब-हक्क-ए-रोज़-ए-विसाल-ए-दिलबर कि दाद मारा ग़रीब 'ख़ुसरव'
सपीत मन के वराय रखूँ जो जा के पाऊँ पिया की खतियाँ
Monday, June 8, 2026
Greek_Lesson_9_Pronouns
εγώ είμαι στο σπίτι μου .
εσύ είσαι στο σπίτι σου .
αυτός είναι στο σπίτι του
αυτή είναι στο σπίτι της
αυτό είναι στο σπίτι του .
εμείς είμαστε στο σπίτι μας .
εσείς είστε στο σπιτι σας .
αυτοί είναι στο σπίτι τους .
αυτές είναι στο σπίτι τους .
αυτά είναι στο σπίτι τους .
--------------------------------------------------------------------------------
New Words
ντύνω - I dress
λαμπρός - Bright
έγκρίνω - I approve
τσιγάρο -Cigarette
συγχωρειτε - Excuse
αύγό - egg
αύρα - Breeze
η πρεσβεία - embassy
δεξιά - right
Μάλιστα - Indeed
αριστερά - Left
ο σταθμός - Station
κατεύθείαν - straight
μπροστα - in front of
κατεύθείαν μπροστα - straight ahead
πάρα πολύ - very much
κοντά - Near
μακρυά - Far
γστερα - then / afterwards /after
---------------------------------------------------------------------------
Sample sentences
Είναι ο σταθμός αριστερά ;
Is the station on the left ?
Σας εύχαριστω πάρα πολύ .
Thank You very much .
Πού είναι η πρεσβεία ;
where is the embassy ?
Η πρεσβεία είναι δεξιά .
The embassy is on the right .
Ο σταθμός είναι κοντά .
The station is near by .
Το προξενείο είναι κοντά άλλα η πρεσβεία είναι μακρυά .
The consulate is nearby but embassy is far .
-------------------------------------------------------------------------