Tuesday, September 1, 2026

Hungarian _Madam

 [7:52 PM, 9/1/2026] Madam: Indukant, egy kolto ezt a levelet küldte nekem. Le akarod forditani a versét?

[7:53 PM, 9/1/2026] Madam: Tisztelt Tanárnő! Kedves Margit!

Erdős Sándor író, költő vagyok, a Krúdy György Irodalmi Kör tagja. Nagy tisztelettel és elismeréssel követem azt a fantasztikus munkát, amelyet Ön és a Delhi Egyetem hallgatói végeznek a magyar irodalom és kultúra indiai népszerűsítése, valamint a műfordítás terén.

Azért fordulok Önöz bizalommal, mert örömmel felajánlanám a verseimet a tanszék hallgatói számára fordítási alapanyagként, szemináriumi vagy gyakorló feladatként. Úgy gondolom, a kortárs magyar líra átültetése hindi vagy angol nyelvre izgalmas szakmai kihívás és egyben szép hidat képezhet a kultúráink között.

Mellékelten elküldöm Önnek „A vihar után” című versemet. Amennyiben Ön vagy a diákjai látnak benne fantáziát, megtisztelő lenne számomra, ha munkaanyagként felhasználnák, és esetleg elkészülne a külföldi fordítása. Természetesen a későbbiekben szívesen küldök más jellegű, akár kötetben is megjelent anyagot is.

Bízva a hallgatók nyitottságában és az Ön támogató válaszában, további sikeres oktatómunkát kívánok Újdelhiben!

Erdős Sándor: Vihar után

Összeért az ég a vízzel

kék csókban forrtak össze,

csak egy árbóc csúcsa látszik

egy sziget mögött, messze.

Édes szél borzolja hajam

simogatja arcomat,

itt e csendes pillanatban

elfeledtem harcomat.

Harcom háborgó tengerrel,

bősz, tajtékzó viharral,

ahogy tépáznak hullámok

rettenetes robajjal.

Megszelídült a fenevad

csendesedett az árja,

elmerült a tenger mélyre

a vihar sötét árnya.


Tisztelettel és üdvözlettel:

Erdős Sándor

író, költő

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तूफ़ान के बाद 


पानी में भीगा हुआ आसमान 

हो गया एक नीले चुंबन में विलीन ,

बस मस्तूल की  नोक दिखाई पड़ी 

द्वीप के पीछे कही दूर तरीन  ।


हवा के एक झोंके ने बिखेरी मेरी ज़ुल्फ़ 

और मेरे चेहरे को सहलाया ;

बस इसी ख़ामोश घडी में  ,

भूला  कश्मकश , कुछ न  याद आया  ।


उफ़नते समुद्र के खिलाफ़ मेरा संघर्ष 

एक उद्दाम झागदार तूफ़ान,

लहरें करती रहीं जब प्रहार 

एक भयानक गर्जन की तान ।


कर लिया वश में उस दानव को ,

शांत हो गया अब उसका ग़ुस्सा   ,

समुद्र की गहराइयों में जा डूबी

तूफ़ान  की  वो काली छाया   ।


मूल हंगेरियन कवि - Erdős Sándor

अनुवादक - इन्दुकांत आंगिरस 






KYC

 The Manager 

Axis Bank 

Green Park 

New Delhi 


Sub : KYC update for SB account # 015010100135436 


Dear Sir , 

As currently I am out of country , so I am authorising my father Mr Indu Kant Sharma to submit my KYC documents with the bank .

Please update my KYC with immediate effect . 


Regards

Gaurav Angiras 

B - 4 / 177 

Safdarjung Enclave 

New Delhi -110029 

Monday, August 31, 2026

Neeta_Rani_Adrishy_Astitv

 अदृश्य अस्तित्व 


( डॉ नीता रानी ) 


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 अदृश्य अस्तित्व 


बीस अनसुलझे सच की कथा मंजरी 


लेखिका :   डॉ नीता रानी


LOGO SPACE 


मुद्रक : श्री जी सेल्स इंडिया , दिल्ली 

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समर्पण 


हे परमपिता परमेश्वर !


' अदृश्य अस्तित्व ' मेरे उन शब्दों का अर्पण है जो मुझे समाज में ' श्रुति ज्ञान ' के रूप में मिला और जिन्हें मैंने अपने जीवन के सच्चें अनुभवों की कसौटी पर रखा और महसूस भी किया है। मेरी इस आध्यात्मिक यात्रा और इसमें समाहित अनुभव को मैं श्रद्धापूर्वक आपकी श्री कमल चरणों मैं समर्पित करती हूँ। 


डॉ नीता रानी  

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पुस्तक के बारे में  -  


' अदृश्य अस्तित्व ' एक खोज , एक समर्पण है।  योगिनी की साधना से उपजा चेतना का प्रकाश है।  क्या हम वही हैं जो दिखाई देते हैं या हमारा एक अंश कहीं गहराइयों में छिपा है । जहाँ एक ओर श्रुति ज्ञान द्वारा लिखित कहानियाँ हैं तो दूसरी ओर लेखिका ने ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार किया है।  एक वाक्य में कहें तो लेखिका ने जीवन के अनुभव , सामजिक दृष्टिकोण ओर आध्यात्मिक चेतना एक मूलसूत्र में पिरो कर ये सवाल खड़ा किया है कि , क्या शक्ति वहीं है जो प्रत्यक्ष है या असली सामर्थ्य उस ' अदृश्य ' विशवास में है जो हमें हर मुश्किल में थामे रहता है ? चाहे वो रिश्तों की सजावट हो , प्रकृति का मौन सन्देश हो या स्वयं की खोज - ये पुस्तक उस हर व्यक्ति के लिए है जो जीवन को सिर्फ ' देखना ' नहीं बल्कि  ' महसूस ' करना चाहता है। 

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पुस्तक के तत्व 

विज्ञान : जल प्रदूषण में शोध का तार्किक आधार 

आध्यात्म : योग ओर अंतर्मन की गहराइयों का अनुभव 

श्रुति ज्ञान 

साहित्य : सरल और हृदयस्पर्शी भाषा शैली 

सत्य आँखों से नहीं , आत्मा के प्रकाश से देखा जाता है - पुस्तक का एक अंश 

जब विज्ञान हार जाता है , विशवास की शुरुआत होती है।  - पुस्तक का मर्म 

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लेखिका परिचय 
डॉ नीता रानी : एक वैज्ञानिक मस्तिष्क और एक साधक का हृदय।  जल प्रदूषण में पी एच  डी करने के बाद उन्होंने पाया कि सत्य केवल प्रयोगशालाओं में ही नहीं बल्कि मौन की गहराइयों में भी छुपा है। 
समाज सेवा और योग परीक्षक के रूप में उनके कार्यों ने सैकड़ों जीवन को प्रभावित किया है। उनकी यह दूसरी पुस्तक ' अदृश्य अस्तित्व ' जीवन के उन पहलुओं को उजागर करती हैं जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। 

पीएचडी की टोपी वाला स्केच 

लेखिका के पास जल प्रदूषण के क्षेत्र में पी एच  डी की शैक्षणिक गरिमा व योग के वर्षों का गहरा अनुभव है।  यह कृति उनके इन्हीं दोनों संसारों   के समन्वय का परिणाम है। 
प्रकाशित पुस्तक - योगिनी ( मेरी आत्मकथा : कहानी संग्रह )

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प्रस्तावना :- 
मेरी प्रथम पुस्तक ' योगिनी ' यदि मेरे व्यक्तित्व के निर्माण और आंतरिक शक्ति की कहानी थी तो ' अदृश्य अस्तित्व ' उस शक्ति के विस्तार की प्रस्तुति है। यह पुस्तक मेरी पहली कृति से आगे की यात्रा है - जहाँ मैंने केवल स्वयं को ही नहीं , बल्कि अपने चारों ओर व्याप्त उस ईश्वरीय सत्ता ओर श्रुतिज्ञान  को पहचानने का प्रयास किया है जो हम सबके जीवन को अदृश्य रूप से संचालित करती है। 
शरीर नश्वर है परन्तु प्रेम संबंधों की ऊर्जा कभी समाप्त नहीं होती।  इन पन्नों के माध्यम से मैं उन्हीं अदृश्य दूरियों को सुलझाने का प्रयास कर रही हूँ जो हमे एक जन्म से दुसरे जन्म तक बांधे रखती है। 


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Back cover content


Meri Photo. 


 श्रुति से मिला ज्ञान,

      और अनुभव से मिली पहचान।

जब 'मैं' मिटा ,तभी हुआ उस, 

      अदृश्य अस्तित्व का निर्माण। 

                           -डॉ.नीता रानी 


क्या अदृश्य का अर्थ शून्य है?या उस अनंत ऊर्जा का द्वार है जो हमारे जीवन को संचालित करती है?यह पुस्तक विज्ञान और आध्यात्मिकता के पुल पर खड़ी एक ऐसी यात्रा है जो आपको जल की गहराई से लेकर आत्मा की शांति तक ले जायेगी।

 

प्रतिष्ठित पुस्तक- योगिनी (मेरी आत्मकथा:कहानी संग्रह) की लेखिका डॉ. नीता रानी की एक और मार्मिक प्रस्तुति, जो अनुभवों के आईने में चारों ओर बसी एक ऐसी दुनिया ढूंढती है जो आँखों से दिखाई नहीं देती परंतु उसका अदृश्य अस्तित्व हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है।



Logo, mail id ,श्रेणी , वाला box yogini पुस्तक से ले लीजिए।

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Saturday, August 29, 2026

Croatian_HW_1

 Domaća zadaća (homework)

 Fill in the dialogue with missing words and phrases Missing words and phrases: ponovite još jednom, drago mi je, što je to, ugodan dan, hvala na pitanju, dobro jutro, jako dobro, kako se kaže, hvala, nema na čemu

 profesorica: _Dobro Jutro___________! 

Ja sam vaša profesorica. 

Mario: Dobro jutro! Ja sam Mario, a ovo je Ana. 

Ana: Dobro jutro! _drago mi je !

 profesorica: . Dobro došli na Croaticum Kako ste? 

Ana: _Jako dobro_! Kako ste Vi? 

profesorica: Odlično! 

Mario, a kako ste Vi? 

Mario: _hvala na pitanju . Dobro sam. 

Ana: __Kako se kaže  „kaksha“ na hrvatski1? 

profesorica: Učionica. 

Mario: Molim vas, ponovite još jednom_. 

profesorica: Učionica. Ana: Hvala. Kako se piše? 

profesorica: u-č-i-o-n-i-c-a

 Mario: _____Hvala________. 

profesorica: Molim, nema na čemu. Izvolite. 

Ana: _Što je to _? 

profesorica: To je poklon.

 Mario: Hvala!

 Ana: Hvala! 

profesorica: _Ubodan dan _. Vidimo se!

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Monday, August 24, 2026

KULTURAN

 प्रिय मित्रो !


नमस्कार ! , आशा है आप सानंद होंगे।  आपको जानकार हर्ष होगा कि सनद फाउंडेशन के तहत एक ऑनलाइन मासिक पत्रिका का प्रकाशन होने जा रहा है। यह पत्रिका विश्व संस्कृति , साहित्य और कला को समर्पित है।  आपसे निवेदन है कि संस्कृति सम्बन्धी रचनाएँ प्रेषित करें मसलन 

किसी भी राष्ट्र की कोई भाषा , कोई धरोहर , कोई कला आदि पर रचनाएँ भेजिए। रचनाएँ अपनी फोटो और परिचय के साथ - sanadfoundation24 पर भेजें। 


सादर 

इन्दुकांत आंगिरस 

संस्थापक - अध्यक्ष 

सनद फाउंडेशन 

दिल्ली 

Sent on 25 -08-2026

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ओ कान्छी रे

 [5:18 PM, 8/24/2026] mitrasharma927: तुम थे तो घर भरा था । कहीं से लौटते वक्त यह बात थी कि तुम हो आंगन में, छत में, बगीचे में, बाहर सड़क में तुम मेरा इंतजार करते हुए मैं दूर से समझ जाती थी तुम्हारा खाली पन और तुम्हारा आध्यात्मिकता तरफ की रुझान.. 

कभी कभार मुझे बहुत चिढ़ होती थी कागज में कुछ लिख रहे हो मन में और कुछ। मुझे सिर्फ मेरे लिए किया गया छलावा लगता था। मैं अकेली थी बेहद अकेली।

"मैं हूं न" यह शब्द सुनने को तरस ती रही खैर...

मैं सोचती थी कि सब कुछ ठीक होगा लेकिन वो मेरा वहम ही था।

[5:20 PM, 8/24/2026] mitrasharma927: एक दिन मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी डर लग रहा था उठकर पानी पी। टहलने लगी आस थी कि तुम पूछोगे क्या हुआ

[5:22 PM, 8/24/2026] mitrasharma927: बहुत दिनों से नाक बंद हो रही थी रात में सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर के पास जाने से कतरा रही थी मेरे लिए पैसे भी नहीं थे दिखाने के लिए।



ओ  कान्छी रे !


गर्मियों के दिन थे और तपिश भरी राते थीं।  रात गहरा चुकी थी लेकिन कान्छी की  खुली आँखों से नींद कोसो दूर   थी। खुले आकाश में  उस सफ़ेद बिस्तर पर उसका  जिस्म रह रह कर करवट बदल रहा था। आज उसकी ज़िंदगी का हर रंग फीका पड़ चुका था।  उस सफ़ेद  बिस्तर पर सफ़ेद कपड़ो में लिपटा उसका चांदी जैसा बदन किसी कफ़न सा लग रहा था  । अब रंगों से उसका   नाता टूट चका था। ज़िंदगी का हर रंग उसके लिए बेमानी हो गया था।  नीले आसमान  में तारे चमक रहे थे और उन्हीं तारों में एक पुराना जगमगाता तारा  उससे गुफ़्तगू कर रहा था , " 

- " रो मत कान्छी , ये तो जीवन का दस्तूर है , आने वाले को तो जाना ही पड़ता है। और अब तो तू आज़ाद हो गयी है। " 

- " बापू , मैंने तुमसे कितना कहा था कि मेरी शादी अभी मत करो लेकिन तुमने मेरी एक नहीं सुनी और उम्र के 16 वे वसंत में ही तुमने मुझे ब्याह दिया था। बाँध दिया था एक खूटे के साथ , ३० बरस के फौजी खूटे के साथ। "

Friday, August 21, 2026

Greek_Word_ετοιμάζω_χαρτί_βάλτος_θερμοκρασία σώματος

θερμοκρασία σώματος - Body temperature 

Η θερμοκρασία σώματος του άντρα είναι υψηλότερη από το κανονικό.

The man's body temperature is higher than normal 

υψηλή θερμοκρασία σώματος

high body temperature 

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βάλτος - Marsh

Οι αλιγάτορες τρώνε οτιδήποτε μπαίνει στον βάλτο.

The allegators eat anything that enter the marsh 

φυτό βάλτου - Marsh plant

βαλτότοπος - Marsh Land 


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χαρτί - Paper

Βάλε κόλλα στο χαρτί. - Apply glue to the paper. - 

κομμάτι χαρτί - Piece of paper

χαρτί και μολύβι - Paper and Pencil 

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 ετοιμάζω - Prepare 


Η γυναίκα ετοίμασε ένα σνακ.- The woman prepared a snack.


Η γυναίκα ετοίμασε ένα γεύμα. - The woman prepared a meal.


Η γυναίκα ετοιμάζει ένα γεύμα. - The woman prepares a meal.


Η γυναίκα ετοιμάζει ένα σνακ. - The woman prepares a snack.


Η γυναίκα ετοιμάζει μια βαλίτσα. - The woman is preparing a suitcase


Ετοιμάζουν φαγητό. - They are preparing food .


ετοιμάζω ένα σνακ - I prepare snack 


ετοιμάζω ένα γεύμα - I prepare a meal


ετοιμάζω φαγητό - I prepare food 


ετοιμάζω βαλίτσα -  I prepare a suitecase .