Saturday, March 29, 2025

Πώς εισαι ;

 Καλώς ήρθατε στο κανάλι μου! Καλώς ήρθατε σε ένα ακόμα #short μάθημα!

1. Μια χαρά (I 'm fine/great) 2. Καλά (good) 3. Πολύ καλά (very good) 4. Έτσι κι έτσι (so-so) 5. Όχι και τόσο καλά (not so good) 6. Χάλια (I 'm bad/ awful) 7. Τα ίδια (the same) 👉 Εσύ, πώς είσαι σήμερα; Γράψε ✍️ στα σχόλια 💬. Περιμένω!😊

Friday, March 28, 2025

Ghazal Lesson _ रदीफ़ के दोष

 रदीफ़ के दोष


1. रदीफ़ का हर्फ़ बदलना- रदीफ के बारे में  स्पष्ट है कि ग़ज़ल में हम रदीफ को या इसके किसी अंश को नहीं बदल  सकते ।

उदाहरण के लिये


झूठ का वो रो गया 

और सच्चा हो गया 

मेरे सब सच झूठ की 

वादियों में खो गये

यहां रदीफ़ है- गया

लेकिन आगे रदीफ बदलकर गये कर दिया जोकि ग़लत है।


2. तहलीली रदीफ-शेर में ऐसे शब्द का प्रयोग करना जिसमे काफिया और रदीफ योजित हो जाएँ और दोनों का पालन हो जाए ऐस रदीफ को तहलीली रदीफ कहते हैं।


उदाहरण-


सब से मिलता है जो रोकर 

रह न जाए खुद का हो कर


ले मजा आवारगी का 

मंजिलों को मार ठोकर


मत्ला के अनुसार रो, हो काफिया है और कर रदीफ है मगर दूसरे शेर में ठोकर शब्द में काफिया और रदीफ संयोजित हो कर प्रयोग हुए हैं अर्थात् रदीफ काफिया के साथ चस्पा हो गई है, इसे तहलीली रदीफ कहते हैं।


(अरूज की कई किताबों में तहलीली रदीफ को दोष माना गया है मगर इस विषय में कुछ मतभेद हैं क्योंकि तहलीली रदीफ को कुछ अरूज़ियों ने दोष न मान कर गुण माना है कि इस प्रयोग में काव्य क्षमता का प्रदर्शन होता है इसलिये इसे दोष मानना उचित भी नहीं है।)


3. रब्त न होना-जब शे'र में रदीफ का कोई अर्थ नहीं निकल पाए अथवा रदीफ़ का शब्द बेवजह ठूँसा गया मालूम पड़ता है तो इससे शेर में हल्कापन आ जाता है, इसे जानने का सबसे सरल उपाय यह है कि रदीफ़ को हटा कर देखा जाए, अगर वाक्य विन्यास पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है तो रदीफ भर्ती की मानी जायेगी।


उदाहरण-


आप जो हमसे दूर गए 

दिल से हम मजबूर गए 

आप न थे तो क्या थे हम 

आपसे मिल मशहूर गए


स्पष्ट है कि रदीफ़-कुवाफ़ी का प्रयोग नियमानुसार किया गया है, परन्तु पहली पंक्ति में ही रदीफ़ चस्पा हुई है बाकी में नहीं। मशहूर गये का कोई मतलब नहीं निकल रहा है।

इसको ऐसा कर सकते हैं


आप जो हमसे दूर हुए 

दिल से हम मजबूर हुए 

आप न थे तो क्या थे हम 

आपसे मिल मशहूर हुए


4. तकाबुले रदीफ-यदि गजल में मतला और हुस्ने मत्ला के अतिरिक्त किसी शेर (जिसके मिसरा-ए-ऊला में रदीफ नहीं होता है) से रदीफ का तुकांत अंश आ जाता है तो इसे रदीफ का दोष तकाबुले रदीफ कहा जाता है।


इसका कारण यह है कि शेर अपने आप में स्वतंत्र होते हैं और शाइर कहीं केवल एक शेर भी पढ़ सकता है अथवा कोट कर सकता है। इसे अधूरी रचना नहीं कहा जा सकता और तकाबुले रदीफ दोष होने पर कुछ भ्रम उत्पन्न हो जाते हैं।


स्वतन्त्र रूप से पढ़ने पर तकाबुले रदीफ़ दोषयुक्त शेर को पढ़ने वाले पाठक को उस शे'र के मत्ला होने का भ्रम होता है इस कारण ही इसे दोष माना जाता है। आइये जाने कि यह कैसे होता है।


उदाहरण-1


ये खुद तो जान गया हूँ कि क्या हुआ है मुझे 

तुझे ये कैसे बताऊँ तेरा नशा है मुझे-    मत्ला


वो हर्फ-हर्फ मुझे याद कर चुका है भले

 मुझे पता है कहाँ तक समझ सका है मुझे-शे'र


यदि हम मत्ला सहित इस दूसरे शे'र को पढ़ते हैं तो यह स्पष्ट कि दूसरे शेर में तकाबुले रदीफ़ का दोष है क्योंकि दूसरे शेर के मिसरा ए ऊला में काफ़िया का उपयोग नहीं हुआ है और हमें पता है कि काफिया लिया गया है-हुआ, नशा, सका अर्थात् 'आ' कि मात्रा और इन 

अशआर  में रदीफ "है मुझे" को सही ढंग से निभाया गया है।


परन्तु यदि हमें मत्ला न पढ़ने को मिले केवल दूसरा शेर पढ़ने मिले तब ?

भले और मुझे दोनों किसी शेर के स्वर काफिया जैसे लगते हैं और यह भ्रम पैदा करता है कि मतला में तो आ की मात्रा का काफिया है लेकिन आगे के शेर में क़ाफिया ही बदल गया।

इसलिये मतला को छोड़कर किसी अन्य शेर के ऊला मिसरा में रदीफ या उसका कोई अंश भले ही वह अंतिम शब्द की मात्रा ही, हो नहीं आनी चाहिये।

Thursday, March 27, 2025

Prem Prasang _ Hungarian _ 2

 Még ha semmi vagy nekem 

minden az enyém 

Engem nem köt semmi 

de körülöttem vagy 

valahányszor i

körülveszek 

a pusztaság vadonában

kifaragsz 

Tabassum sora 

a szív vásznán 

És 

az élet újra tele van 

Édes, finom virágokkal.

शहर और जंगल - अधूरी तस्वीर

 अधूरी तस्वीर 


सहज हो सकता है 

एक टूटे हुए आईने में 

एक पूर्ण तस्वीर का 

बिखरते हुए सँवरना 

पर जाने कैसा लगेगा 

एक अधूरी तस्वीर का 

एक पूर्ण आईने में 

सँवरते हुए बिखरना। 

शहर और जंगल - नए फूल

 नए फूल 


बग़िया में नए फूल खिले हैं 

फिर दस्तानों में ढँकी 

कुछ उँगलियाँ 

तोड़ लेंगी इन्हें 

फिर कैक्टस हँसेगा 

अपनी क़िस्मत पर 

नहीं...नहीं ...रहने दो !

कैक्टस ही उगने दो 

पड़ने दो पानी 

कुछ लोगो की मेहनत पर। 

Zita_14-12-2004

 Daily i read some pages of the book , I am getting the language you always write me some words . write PREM = LOVE=LIthunia how write it to me


Zita Vilutyte <svajokz@splius.lt> wrote:
Indu,i dont understand,i am sorry....you will drow me picture and put to your letter one day....maybe if i would here you it would be better...and what you write in lithuanian?.


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Sweet Zita .
I am here for u.Yes there is a lot of Sun here i like Sun and I do not like extreme winters , a little is okay... I send You my warm feelings ,, my warm love for you .. it wil make you warmer . In india it rains in JULY - AUGIUSt.. The Indian name of the Rainy season is VARSHA RITU ( Rainy season and we have the month of SAWAN which meands a lot of dark clouds with a lot of water ,, newly wed girls go to their parents house and there they long for their husbands and lovers they sing songs of love and call their beloveds the rainy water does not cool them rather make them more hot when they bath in rainy water.. a lot of water every where .. small kid s make The Boats of paper and play many games .. Rain means much in villages..
with sweet kisses on your hands
Indu

Zita Vilutyte <svajokz@splius.lt> wrote:

Maybe you dont come today.But i will write now few vords.I feell new time is coming,i feel christmas ..i hope today is very nice day in you city,a lot of sun.I miss  warm days and sun..send me a little summer ...i will send you a little winter..When it is raining in India?you have period of rains?why the flovers in India smels more,than in other countries?Indu,my dear Indu,I miss you.I have a dream...a lot of dreams..all dreams come true..you know?are you smiling today?are you happy?i listen for your heart with sweet embrace...peace...

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Ghazal - Lesson - RAV

 जो पत्थर दिल हो उससे प्यार का इजहार क्या करना

बहर 

मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन

1222   1222  1222  1222

इस मिसरे पर लिखिये


सम्भावित काफिये

इजहार , बाजार, सरकार , गुलजार, अभिसार , व्यवहार, व्यापार, करोबार, बेगार, दोचार, लाचार, बन्दनवार, तार , अत्तार, बेदार,बारंबार, आभार, मनुहार, तकरार , दीदार, चार ,