संक्षिप्त परिचय
डा. नसीमा निशा
माता : हसीना बेगम
पिता : मुहम्मद नसरूल्लाह "नसीर बनारसी "
पति : बशीर अहमद शेख
जन्मदिवस : 1 सितम्बर
जन्म स्थान : बिहार (कैमूर)
शिक्षा : पी.एच.डी (हिन्दी)
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ,
वाराणसी ( उत्तर प्रदेश)
सम्प्रति : शिक्षण कार्य एवं अभिकर्ता भारतीय जीवन बीमा निगम वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वर्तमान निवास : डा. नसीमा निशा, B 9 /21 संजय अपार्टमेंट, चौकाघाट वाराणसी, उत्तर प्रदेश
मोबाइल नम्बर - 8765841414
8317067080
अनेक पत्र-पत्रिकाओ में रचनाएं प्रकाशित जैसे कारवाँ, प्रत्यूष, प्रगति, उदयपुर से प्रकाशित,
वाराणसी से प्रकाशित : कविताम्बरा, स्पंदन, सोच विचार, दिल इंडिया ,
कलकत्ता से अनेक पत्रिकाओ में,
लखनऊ से प्रकाशित : सुपर आइडिया, दिल्ली से : गज़ल दुष्यंत के बाद (तीसरे भाग) में, "सखी ", मेरी सहेली इत्यादि में l
दैनिक पत्रिका : राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर उदयपुर राजस्थान से प्रकाशित l
वाराणसी से दैनिक जागरण व अमर उजाला दैनिक समाचार पत्र इत्यादि में भी रचनाएं प्रकाशित
सम्पादन : कारवाँ, प्रगति,कविताम्बरा
समीक्षा इत्यादि।
प्रकाशित पुस्तक , ग़ज़ल संग्रह
परवाज़ 2019
ग़ज़ल संग्रह : " ज़िंदगी तुझ से है " 2024
आगामी पुस्तक, ग़ज़ल संग्रह,कहानी संग्रह प्रकाशाधीन ।
साझा संग्रह : उर्दू भाषा में अदबी सितारे, हिंदी भाषा में : मुहब्बत,सप्तसमीधा,काव्य सरिता भाग १,काव्य सरिता भाग२,काव्य सरिता ३ # काव्य सरिता भाग 4,
गुफ़्तगू द्वारा " उत्तर प्रदेश की सात कवियित्रीयां " प्रयागराज से प्रकाशित
नई सदी के स्वर भाग १, नई सदी के स्वर दूसरा भाग,नई सदी के स्वर भाग ३ ,भाग ४ में l
उदगार शतक गुलदस्ता और अनेकों साझा संग्रह में प्रकाशित .
उपाध्यक्ष : संस्था " विश्व हिंदी शोध संवर्धन "
सचिव "काशी काव संगम "
सह संपादक "कवितांबरा पत्रिका "
दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से समय-समय पर काव्य पाठ का प्रसारण।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरों में शिरकत।
दिल्ली उर्दू अकादमी द्वारा कनाट प्लेस मुशायरे में शिरकत
दिल्ली वरिष्ठ क्लब के आला इण्डिया कवि सम्मेलन में काव्यपाठ इत्यादि l
सम्मान : काशी शिरोमणि अलंकरण, कलश कारवां मंच बैंगलौर, साहित्य साधक मंच बैंगलौर से सम्मानित काव्य ऋषि सम्मान, मुंशी प्रेमचंद सम्मान, गीत ऋषि सम्मान, धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज स्मृति सम्मान, काशी काव्य सौरभ सम्मान, सन्त समागम स्मृति सम्मान, सद्भावना स्मृति सम्मान व अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा साहित्य के क्षेत्र में सम्मान प्राप्त
मतलब का हर यार यहाँ पर
दुनिया ये बेकार बेकार यहाँ पर
इस महफ़िल में आकर बैठो
खुशियों की भरमार यहाँ पर
सच्ची चाहत ख़्वाब हुई अब
जूठा सब संसार यहाँ पर
जो सच है वो कह न पाए
झूठो का बाज़ार यहाँ पर
सच कितना लाचार है देखो
भूखा सोये तेरा पड़ोसी
ये कैसा किरदार यहाँ पर
हर दिल में ये घर कर लेता
कैसा ये फनकार यहाँ पर
सब कहने की है आज़ादी
अच्छी है सरकार यहाँ पर
भूख सताए,जनता जागे
सोती है सरकार यहाँ पर
डॉ नसीमा निशा
बेटियां हैं तो घर निराला है,
घर में इनसे ही तो उजाला है l
रोज़ बेटी -दिवस मनाती हूँ,
नाज़ से बेटियों को पाला है l
लड़खड़ाई है मेरी हिम्मत जब,
बेटियों ने मुझे संभाला है l
दुश्मन - ए - हिन्द मुँह की खाएं हैं,
बेटियों से पड़ा जो पाला है l
मानना ही " निशा " पड़ेगा ये,
बेटियों का मक़ाम आला है l
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