Monday, January 5, 2026
Friday, January 2, 2026
Laghukatha_Book_21
नाशुक्रे - डॉ सविता चड्ढा
सबसे छोटे बेटे की शादी से निवृत होकर गुरविंदर पहली बार अपने सबसे बड़े बेटे के घर गई । उस दिन वे सब लोग किसी शादी में जाने के लिए तैयार हो रहे थे । माँ को अचानक आया देख बेटे ने न तो माँ को प्रणाम किया न आदर सत्कार , बस ग़ुस्से में चीख़ा ‘’ आने से पहले फोन तो कर लेना था ।घर में कोई नहीं रहने वाला, सब शादी में जा रहे हैं, माँ तुम भी ...." बेटा दाँत पीस रहा था। माँ का गला प्यास से सूखा जा रहा था ,पसीने से तरबतर थी लेकिन बेटे को कोई परवा नहीं थी । गुरविंदर को याद आया, वह तो माँ है, उसे घबराना नहीं है , हिम्मत कर उसने कहा... ‘’आप सब शादी में जाओ, घर तो यही हैं न। मैं अकेली रह...। ‘’
गुरविंदर की बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि बेटे ने ऑनलाइन ऑटो बुक कर दिया । चंद मिनटों में ऑटो दरवाज़े पर था। घर से निकलते हुए गुरमिंदर का गला भर आया था और उसने बेटे की आँखों में झांकते हुए कहा था , ‘’ माँ को प्यासा ही भेज देगा घर से, नाशुक्रे ! एक घूँट पानी तो पिला देता ..."
बेटे ने झटपट ख़ामोशी से माँ की कपड़ो वाली टोकरी ऑटो में रखी ,ड्राइवर को 100 रूपये का नोट और पानी की बोतल पकड़ाते हुए कहा ‘’ इन्हें पंचकुइयां रोड छोड़ देना । -‘’
ऑटो में बैठने की देर थी कि गुरविंदर की आँखों से आँसुओं के धाराएँ ऐसे बहने लगी मानो उत्तराखंड में बादल फट गया हो। उसके प्यासे होंठो से बस इतना निकला था , " ऐसी नाशुक्री औलादें भगवान किसी को न दे। "
Thursday, January 1, 2026
Books_ advt
पुस्तकें , किताबें - BOOKS
पुस्तकों के प्रचार - प्रसार हेतु सनद फाउंडेशन निरंतर कार्यरत है। दिल्ली के संजय कैंप चाणक्यपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान संस्था ने पुरानी किताबें वहां के निवासियों के लिए दान करी। आपके द्वारा दान दी गयी पुस्तकों को संस्था वृद्धाश्रम , अनाथ आश्रम और ग़रीबों की बस्तियों में पहुँचाती है जिससे कि लोगो में पुस्तकों के प्रति रूचि जागृत हो सके। भविष्य में संस्था द्वारा गांवों में पुस्तकालय खोलने की भी योजना है। इसलिए आप सभी से निवेदन है कि आप अपनी पुरानी पुस्तकें कबाड़ी वाले को न देकर संस्था को दान करें।
आपको जानकर हर्ष होगा कि 2025 में सनद फाउंडेशन ने निम्नलिखित महानुभावों से पुरानी पुस्तकें दान स्वरूप प्राप्त करी।
श्री देवेंद्र मांझी - दिल्ली
सुश्री अनीता वर्मा - बैंगलोर
सुश्री चंदा प्रहलाद - कोलकाता
कर्नल तिलकराज - जालंधर
संस्था सभी पुस्तक दानियों की आभारी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है।
सादर
इन्दुकांत आंगिरस
संस्थापक - सनद फाउंडेशन