इटालियन सराय
वेलेन्स की उस छोटी सी सराय का पर्यटकों से कोई लेना - देना नहीं था। यह सुरीचिपूर्ण मार्क चौराहे और समुन्दर से दूर था। गंध वाली दलदल और तंग गलियों की भूल भूलैया को सिर्फ वहाँ जन्म लेने वाले लोग ही जानते थे। या यूँ कहे कि वहाँ जन्मे ग़रीब लोग। क्योंकि ये छोटी सराय उन अत्यंत ग़रीब लोगों के खाने की जगह थी जिसे वे एक सदी से इस्तेमाल कर रहे थे। इसके पड़ोस में ही एक सार्वजनिक इमारत थी जिसके कर्मचारी इसके नियमित ग्राहक थे। उनके अलावा वहाँ सैनिक , डाक कर्मचारी , छोटे कर्मचारी , मज़दूर और उस जगह से गुजरने वाले जहाज़ों के नाविक भी आते थे।
ग्रीष्म ऋतु थी , दक्षिण दिशा से एक विशालकाय शोर वाला बवंडर उठ रहा था। ग़रीब लोग बस खाना खाने में लगे थे , उस वक़्त उनका कुछ और करने का मूड नहीं था। साधारण सुविधाओं वाले उस आँगन में वे लोग बिखरे हुए बैठे थे।
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