Monday, July 13, 2026

Narendar

 जी सही विश्वास तो किसी पर भी नहीं करना चाहिए, ज़माना ही ऐसा है, लोग मुँह कुछ और बाद में कुछ


ज़ुबान और ज़मीर के पक्के हैं साहिब 


लोगों की तरह हालात देख कर रंग नहीं बदलते

मैं आज  जद पे अगर हूँ तो खुशगुमान ना हो 

चराग सब के बुझेंगे हवा किसी की नही


और जुगनुओं ने शराब पी ली है

अब ये सूरज को गालियाँ देंगे

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