Monday, June 22, 2026

SAAT SUR

 कुछ अश'आर 

 

१- घड़ी तो हाथ में सबके है लेकिन

     पकड़ में एक    भी लम्हा  नहीं है

२- 

ज़रा सी बात थी और कशमकश ऐसी कि मत पूछो

भिखारी मुड़ गया पर जेब से सिक्का नहीं निकला 


३- उनको तो मंदिर- मस्जिद से वोट की खेती करनी थी

हम आपस में लड़ना सीखे, लेना एक न देना दो 


४-

भूल जाएगा किसी दिन अपने पाँवों का वजूद

किसने दे रक्खी हैं उसके हाथ में बैसाखियाँ


      ओमप्रकाश यती

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