Tuesday, June 2, 2026

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✨ "बदलती धारा" ✨

लेखक : डॉ. मोहन तिवारी


समाज की बदलती तस्वीर, रिश्तों की अनकही सच्चाइयाँ और जीवन के वास्तविक संघर्षों को अपने भीतर समेटे हुए एक प्रभावशाली कहानी-संग्रह — "बदलती धारा" शीघ्र ही आपके बीच आने वाला है।


यह पुस्तक केवल पंद्रह कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन असंख्य अनुभवों का प्रतिबिंब है जिन्हें हम अपने आसपास हर दिन घटित होते देखते हैं। हर कहानी समाज के किसी न किसी ऐसे पहलू को उजागर करती है, जो पाठकों को स्वयं से जोड़ने की क्षमता रखती है। पात्र भले अलग हों, पर उनकी भावनाएँ, संघर्ष और परिस्थितियाँ कहीं न कहीं हमारे जीवन का हिस्सा प्रतीत होती हैं।


प्रख्यात साहित्यकार डॉ. मोहन तिवारी अपनी संवेदनशील लेखनी और गहन सामाजिक दृष्टि के माध्यम से एक बार फिर पाठकों को चिंतन और आत्ममंथन की नई दिशा देने जा रहे हैं। स्वयंयुग प्रकाशन से प्रकाशित उनकी यह आठवीं कृति साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष उपहार सिद्ध होगी।


📖 सच्चाई से रूबरू कराती कहानियाँ

💫 समाज का जीवंत आईना

❤️ हर पाठक के मन को छू लेने वाला संग्रह


बहुत जल्द... आपके हाथों में होगी एक ऐसी पुस्तक, जो केवल पढ़ी नहीं जाएगी, बल्कि महसूस की जाएगी।


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‘पहेली सा प्यार’ एक अनोखा कविता-संग्रह है। यह संगह प्रेम के विभिन्न रंगों और उसकी जटिल भावनाओं के बारे में बताता है। इस पुस्तक की कविताएँ पाठकों को प्रेम की गहराई, उसकी पेचीदगियाँ और उसकी सुंदरता का एहसास कराती हैं।

लेखक ने अपने भावनात्मक अनुभवों को कलात्मक शब्दों में पिरोकर हर कविता में पठनीयता क़ायम कर दी है। इसलिए हर कविता की बातें पाठकों की अपनी लगती हैं। ये कविताएँ न केवल दिल को छू लेने वाली हैं, बल्कि विचारों को भी प्रेरित करती हैं।

प्रेम की खुशी, दर्द, इंतज़ार और संवेदनाओं से परिपूर्ण यह संग्रह पाठकों को सोचने पर मजबूर करता है और उन्हें प्रेम की जादुई दुनिया में ले जाता है। हर कविता एक नया अध्याय खोलती है, जो प्रेम की विविधता को दर्शाती है। ‘पहेली सा प्यार’ पुस्तक उन सभी के लिए है, जो प्रेम को समझना चाहते हैं और उसके विभिन्न पहलुओं का आनंद लेना चाहते हैं। यह पुस्तक निश्चित रूप से दिल को छूने वाली और यादगार अनुभव देने वाली है।


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