Monday, June 15, 2026

Sarita_Jain_Ghazals

 जागती आँखों से देखी थी किसी ख़्वाब की धुन 

दिल की धक् धक् पे छिड़ी इश्क़ के मिज़राब की धुन 


नाव तो नाव वहां जान के लाले पड़ गए 

शौक़ उठ्ठा था चलो सुनते हैँ गिरदाब की धुन 


रात के वक़्त मेरे साथ तुम्हारी यादें 

और दरीचे से चमकती हुई महताब की धुन 


हाय वो फूल से चेहरे कि लरज़ उठता है दिल 

कुछ दरिंदो ने जहाँ लिख दी है तेज़ाब की धुन 


आज के दौर मे खूशबु से भरा ये लहजा 

जैसे पतझड़ मे महकती गुले शादाब की धुन 


रोज़े अव्वल से नहीं  मिलते किसी से भी ख़याल 

मुख्तलिफ रहती है मुझ से मेरे अहबाब की धुन 


रक़्स करती हैँ मेरे साथ पुरानी यादें 

रोज़ सुनती हूं मैं  तेरे दिले बेताब की धुन


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ज़हन ओ दिल पर एक उदासी छाई है, तन्हाई है

बीनाई हर मंज़र से उकताई है, तन्हाई है 


जाने क्या था जिसकी ख़ातिर मैंने सब मंज़ूर किया 

वरना, इश्क़ में ज़िल्लत है, रुसवाई है, तन्हाई है


बाद तुम्हारे ऊब गया है दिल, दुनिया की रौनक से 

मेरे ख़ालीपन की जो भरपाई है तन्हाई है 


दीवारों से लिपटी बेलें कब से देख रही हूँ मैं 

शाम ढले जब याद तुम्हारी आई है, तन्हाई है


खुली किताबें भीगा तकिया सिमटी चादर बिखरी मैं

और वीरानी मुझ पर हँसने आई है, तन्हाई है 


अपने मुँह मोड़ गए हैं रिश्ते सारे तोड़ गए हैं 

रुख़सत का पैगाम क़ज़ा जब लाई है, तन्हाई है


यूँ तो मेरी वहशत से ये दुनिया भी घबराती है 

पर मेरी वहशत जिससे घबराई है, तन्हाई है

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दर्द का इख़्तिताम चाहता है 

हिज्र भी अब विराम चाहता है


ख़ाली बैठे हैं इश्क़ ही कर लें 

दिल भी कुछ कामधाम चाहता है 


ये नए दौर का है इश्क़ मियां 

ये बहुत ताम झाम चाहता है


हाल तेरा भी हो मेरे जैसा

दिल यही इंतिक़ाम चाहता है 


जुरअतें देखिए दिवाने की 

इश्क़ में एहतराम चाहता है 


उसका भी आज फोन आ ही गया 

किस्से सारे तमाम चाहता है 


ऐश ओ इशरत में मुब्तिला है दिल

नित  नया  इक  ग़ुलाम   चाहता  है


जानता है हुनर तिजारत का 

सो वफ़ाओं का दाम चाहता है


***


ज़हनी बीमारियों ने काट दिया 

फूल को आरियों ने काट दिया 


जाने कितनी ज़रूरतों का गला 

मेरी खुद्दारियों ने काट दिया 


आज फिर उसकी याद का सब वक़्त 

घर की अलमारियों ने काट दिया


ज़िन्दगी नाम का हसीन दरख़्त 

घर की दुशवारियों ने काट दिया 


वो मेरे इश्क़ का सुहाना भरम 

उसकी मक्कारियों ने काट दिया 


पक्की कॉलोनीयों से कच्चा घर 

मिलके  पटवारियों ने काट दिया 


इक हकीकत भरी कहानी को 

कुछ अदाकारियों ने काट दिया


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